मद्रास उच्च न्यायालय ने सेवानिवृत्त IPLअधिकारी जी संपत कुमार द्वारा दायर अपील पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। एकल न्यायाधीश ने क्रिकेटर एमएस धोनी द्वारा आईपीएस अधिकारी और अन्य के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे को खारिज करने से इनकार कर दिया था।
यह मुकदमा 2013 IPL सट्टेबाजी घोटाले के संबंध में धोनी के खिलाफ कथित मानहानिकारक सामग्री को लेकर दायर किया गया था।
न्यायमूर्ति एस.एम. सुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति एम. जोतिरमन की पीठ ने सेवानिवृत्त अधिकारी और क्रिकेटर के वकील की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
दिसंबर 2021 में, एकल न्यायाधीश ने कुमार द्वारा दायर आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह मुकदमे में देरी करने के लिए मुकदमे की शुरुआत से ठीक पहले दायर किया गया था।
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गौरतलब है कि धोनी ने 2014 में जी मीडिया कॉर्पोरेशन, जी न्यूज के संपादक और बिजनेस हेड सुधीर चौधरी, आईपीएस अधिकारी जी संपत कुमार और न्यूज नेशन नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। उन्होंने 100 करोड़ रुपये का हर्जाना भी मांगा था।
कुमार ने तर्क दिया कि वह एक ईमानदार पुलिस अधिकारी हैं और उन्होंने केवल अपना कर्तव्य निभाया है। उन्होंने दलील दी कि विभागीय कार्यवाही में उन्हें पहले ही दोषमुक्त कर दिया गया है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप मनगढ़ंत हैं।
एकल न्यायाधीश ने कहा था कि इस तर्क को मुकदमे के दौरान बचाव के तौर पर लिया जा सकता है और यह वाद को खारिज करने का आधार नहीं हो सकता। अगस्त 2025 में, मद्रास उच्च न्यायालय ने मानहानि मामले में मुकदमा शुरू करने का आदेश दिया और धोनी के साक्ष्य दर्ज करने के लिए एक अधिवक्ता आयुक्त भी नियुक्त किया।
अपीलकर्ता के वकील: आरसी पॉल कनगराज, टी कार्तिकेयन, आर रमेश प्रतिवादी के वकील: वरिष्ठ अधिवक्ता पीआर रमन केस का शीर्षक: जी संपत कुमार बनाम महेंद्र सिंह धोनी एवं अन्य
केस संख्या: 2025 का OSA 326

